Tuesday, 4 February 2014

गर्भ संस्कार में मंत्रो के शुभ प्रभाव !!

भारतीय परम्परा ने मंत्रो कि गूंज और इनसे होने वाले प्रभाव को स्वीकार किया है । गर्भावस्था के दौरान बोले एवं सुने जाने वाले मंत्र प्राचीन काल से ही उनकी शुभता हेतु प्रचलन में हैं !


गर्भस्थ शिशु ध्वनियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है । गर्भ संस्कार में उच्चारित मंत्र की गूंजने वाली ध्वनि बच्चे तक पहुँचती है, जिसके शुभ प्रभाव से उनमें सदगुण पैदा किये जा सकते है और उन्हें गर्भ में ही संस्कारी बनाया जा सकता है । 


गायत्री मंत्र 

चिंतन मंत्र -- ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् । 

अर्थात् उस प्राण स्वरुप, दुःख नाशक, सुख स्वरुप, श्रेष्ठ, तेजस्वी परमात्मा को हम अंतरात्मा में धारण करें वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे । 

Mantra works on the vibration energy and that is why they are able to reach the subtle levels. Mantra and Beej Mantra are of various kinds and they have specific purposes. Reciting mantras in different ragas, sur and taal will produce different effects. There are few Maha Mantras that vibrates the seven chankras and 24 subtle points in the body. When these chakras and subtle points get activated we achieve divine wisdom. We will be able differentiate between right and wrong. We will be able to take right decisions. 

There will be peace in mind and purity at heart. The fetus will get all these qualities along with mother. These benefits will help the child throughout the life and one day that child will become a great person. 

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